Na Kara koi Acha kaam bus Kara hai crime,
Banna tha don pr bechni pad rhi hai Wine,
Na Kara koi Acha kaam bus Kara hai crime,
Banna tha don pr bechni pad rhi hai Wine,
मुझे इश्क में उलझा कर रख दिया
एक लड़की ने पागल बना कर रख दिया
कभी मिली नही ……ना मिलने की आस बाकी है
बस दुआ है ऊसके लिए…..अब ना प्यार बाकी है
हमको ख्वाबी दुनिया मै उलझा कर रख दिया
ना संभले किसे से वो आशिक बना कर रख दिया
एक लड़की ने पागल बना कर रख दिया…
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी