इश्क किया था हमने भी
पर छोड़ कर चली गए हमे बीच राह में।
शायद हमसे गलती हो गई
सच्चा प्यार दे बैठे थे हम
यही हमारी भूल हो गई
इश्क किया था हमने भी
पर छोड़ कर चली गए हमे बीच राह में।
शायद हमसे गलती हो गई
सच्चा प्यार दे बैठे थे हम
यही हमारी भूल हो गई
कुछ हलचल सी है सीने में
सुकून कुछ खोया – सा है
जाने कैसी है ये अनुभूति
दिल कुछ रोया – सा है
कुछ आहट सी आयी है
और दिल कुछ धड़का – सा है।
हाथ – पाँव में हो रही कंपन-सी
बेचैनी ये जानी पहचानी – सी है
सांसे भी है कुछ थमी – सी
कितने वक्त गुज़र गये इन्तजार में
मेरी आहें भी हैं कुछ जमी – सी।
पलकें अब मूँदने लगी हैं
साँसें अब क्षीण पड़ रही हैं
अब तो आ जाओ इन लम्हों में
जाने कब लौटोगे?
आने का वादा था और ना भी था तो,
तुम्हारा इन्तज़ार तो था..
सारी हदें तोड़ कर आ जाओ
दुनिया की रस्मों को छोड़ कर आ जाओ
चंद लम्हों के लिए ही,
अब तो आ जाओ
मेरे लिए.. सिर्फ मेरे लिए |
Loki khenda mar gya nhi nl kuj janda …
Mnu lagda pyr mera jao ga