इश्क किया था हमने भी
पर छोड़ कर चली गए हमे बीच राह में।
शायद हमसे गलती हो गई
सच्चा प्यार दे बैठे थे हम
यही हमारी भूल हो गई
Enjoy Every Movement of life!
इश्क किया था हमने भी
पर छोड़ कर चली गए हमे बीच राह में।
शायद हमसे गलती हो गई
सच्चा प्यार दे बैठे थे हम
यही हमारी भूल हो गई
जमाना किस दिन मेरी बात सुनेगा।
मेरे सवाल कड़ी धूप की रेत में खड़े है।
बिस्तर पे लगे थे उनके भी ज़ख्म भर गए,
जिनके सपने मेरे से दस साल बड़े है।
