Jionde rahe har ehde-ohde layi
Te aape ton hath dho bethe..!!
Bhajj daurh di es zindagi vich
Sukun kidhre khoh bethe..!!
ਜਿਉਂਦੇ ਰਹੇ ਹਰ ਇਹਦੇ-ਉਹਦੇ ਲਈ
ਤੇ ਆਪੇ ਤੋਂ ਹੱਥ ਧੋ ਬੈਠੇ.!!
ਭੱਜ ਦੌੜ ਦੀ ਇਸ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਸੁਕੂਨ ਕਿੱਧਰੇ ਖੋਹ ਬੈਠੇ..!!
Jionde rahe har ehde-ohde layi
Te aape ton hath dho bethe..!!
Bhajj daurh di es zindagi vich
Sukun kidhre khoh bethe..!!
ਜਿਉਂਦੇ ਰਹੇ ਹਰ ਇਹਦੇ-ਉਹਦੇ ਲਈ
ਤੇ ਆਪੇ ਤੋਂ ਹੱਥ ਧੋ ਬੈਠੇ.!!
ਭੱਜ ਦੌੜ ਦੀ ਇਸ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਸੁਕੂਨ ਕਿੱਧਰੇ ਖੋਹ ਬੈਠੇ..!!
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
mehkti ushlti baharo mein tum ho
aasmaan mein chmkte sitare tum ho
zamin pe tum ho..falak pe tum ho..
kyanat ke khoob nazaro mein tum ho..