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BINA JAGEYAA

Is rog da dharam na yaat koi lagge jis dil nu samjhe na jajhbaat koi khad khad rawaan te take har shaam nu fir bina jageyaan na langhe raat koi

Is rog da dharam na yaat koi
lagge jis dil nu samjhe na jajhbaat koi
khad khad rawaan te take har shaam nu
fir bina jageyaan na langhe raat koi


Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry


Raste par unhe pukarte dekha hai || Hindi shayari || love shayari

Raste par unhe pukarte logo ko maine dekha hai,
Khidki se unhe zulfe sawarte mene dekha hai
Shayad unhe khabar hai unhe meri nazar lagi hai
Unhe aayine pe apna sadka utarne mene dekha hai…❤️

रास्तों पर उन्हें पुकारते लोगो को मैंने देखा है,
खिड़की से उन्हें जुल्फें संवारते मैंने देखा है,
शायद उन्हें खबर है उन्हे मेरी नज़र लगी है,
उन्हें आईने पे अपना सदका उतरते मैंने देखा है…❤️

Title: Raste par unhe pukarte dekha hai || Hindi shayari || love shayari