बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥
बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Kisi di yaad vich udaas na howo, dosto
lok naseeban naal milde ne, udaasiyaan naal nai
ਕਿਸੀ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਉਦਾਸ ਨਾ ਹੋਵੋ, ਦੋਸਤੋ
ਲੋਕ ਨਸੀਬਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲਦੇ ਨੇ, ਉਦਾਸੀਆਂ ਨਾਲ ਨਈ