बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥
बसा ले नज़र में सूरत तुम्हारी,
दिन रात इसी पर हम मरते रहें,
खुदा करे जब तक चले ये साँसे हमारी,
हम बस तुमसे ही प्यार करते रहें ॥
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..
chiraag se na poochho baaki tel kitana hai,
saanso se na poochho baaki khel kitana hai,
poochho us kafan mein lipate murde se,
jindagee mein gam aur kafan mein chain kitana hai..
चिराग से न पूछो बाकि तेल कितना है,
सांसो से न पूछो बाकि खेल कितना है,
पूछो उस कफ़न में लिपटे मुर्दे से,
जिन्दगी में गम और कफ़न में चैन कितना है..