chahat si tainu paun di
chahat hi ban ke reh gai
ਚਾਹਤ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ
ਚਾਹਤ ਹੀ ਬਣ ਕੇ ਰਹਿ ਗਈ
chahat si tainu paun di
chahat hi ban ke reh gai
ਚਾਹਤ ਸੀ ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ
ਚਾਹਤ ਹੀ ਬਣ ਕੇ ਰਹਿ ਗਈ
ai chaand chala ja kyo aaya hai meree chaukhat par,
chhod gaye vo shakhs jisakee yaad me ham tujhe dekha karate the…
ऐ चांद चला जा क्यो आया है मेरी चौखट पर,
छोड गये वो शख्स जिसकी याद मे हम तुझे देखा करते थे…
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी