
Enjoy Every Movement of life!

ना हो मुझ पर इतना मेहरबान
तुम्हारी सारी चालाकियां जानता हूं मैं
यह जो आये हो मेरे पास तुम चेहरा बदल कर
तुमसे मोहब्बत की थी कभी तुम्हे अच्छी तरह पहेचानता हूं मैं
हो गई होगी मोहब्बत तुम्हें राकिब के साथ
इतना तोह जानता हूं मैं
-ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...