Chaan jiha chera tera mukhda te noor ve ,
Tu tw nhi par teriya yaada dil de kareeb ne,
Chaan jiha chera tera mukhda te noor ve ,
Tu tw nhi par teriya yaada dil de kareeb ne,
koi tha jise ham bhi pyaar karte the
wo gairo ki baaho me dikha jise ham beinthaa karte the
कोइ था जिसे हम भी प्यार करतेे थे ।
वो गैरों की बाहों में दिखा जिसे हम बेइंतेहा प्यार करते थे।
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..