
Ajeha koi din nai
jis din tainu me parda naa howanga
je kade akh khule teri rataan nu
tareyaan nu puchh ke vekh lawi
tainu hi chete karda howanga

Ajeha koi din nai
jis din tainu me parda naa howanga
je kade akh khule teri rataan nu
tareyaan nu puchh ke vekh lawi
tainu hi chete karda howanga
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..
Ohdiyan galtiyan nu nazarandaaz karde karde
Mein ohdiya nazra cho hi nazarandaaz ho gyi 💔
ਉਹਦੀਆਂ ਗਲਤੀਆਂ ਨੂੰ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਕਰਦੇ ਕਰਦੇ
ਮੈਂ ਉਹਦੀਆਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਚੋਂ ਹੀ ਨਜ਼ਰਅੰਦਾਜ਼ ਹੋ ਗਈ 💔