
He Gave Her A Rose She Asked Him:- “Whats This For?” He replied :- “I Wanna Show My Rose How Pretty You Are”
He Gave Her A Rose
She Asked Him:-
“Whats This For?”
He replied :-
“I Wanna Show My Rose
How Pretty You Are”

He Gave Her A Rose She Asked Him:- “Whats This For?” He replied :- “I Wanna Show My Rose How Pretty You Are”
He Gave Her A Rose
She Asked Him:-
“Whats This For?”
He replied :-
“I Wanna Show My Rose
How Pretty You Are”
Us mukam te mohobbat ne pahunchaya menu
Ke ishq hun dullda e ban akhiya Cho pani..!!
Ohde khayalan da kayal dil mera hoyia
Hun pyar nhio mukkna par jind mukk Jani🥰..!!
ਉਸ ਮੁਕਾਮ ਤੇ ਮੋਹੁਬਤ ਨੇ ਪਹੁੰਚਾਇਆ ਮੈਨੂੰ
ਕਿ ਇਸ਼ਕ ਹੁਣ ਡੁੱਲਦਾ ਏ ਅੱਖੀਆਂ ਚੋਂ ਪਾਣੀ..!!
ਓਹਦੇ ਖਿਆਲਾਂ ਦਾ ਕਾਇਲ ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਹੋਇਆ
ਹੁਣ ਪਿਆਰ ਨਹੀਓ ਮੁੱਕਣਾ ਪਰ ਜ਼ਿੰਦ ਮੁੱਕ ਜਾਣੀ🥰..!!
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥