DAAG dhul jaate hai || hindi shayari was last modified: August 6th, 2023 by NITESH KUMAR SETHI
Enjoy Every Movement of life!
उल्टे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
इक बीमार वसीयत करने वाला है
रिश्ते नाते जीभ निकाल बैठे हैं
बस्ती का मामूल पे आना मुश्किल है
चौराहे पर वर्दी वाले बैठे हैं
धागे पर लटकी है इज़्ज़त लोगों की
सब अपनी दस्तार सँभाले बैठे हैं
साहब-ज़ादा पिछली रात से ग़ायब है
घर के अंदर रिश्ते वाले बैठे हैं
आज शिकारी की झोली भर जाएगी
आज परिंदे गर्दन डाले बैठे हैं
YAAR TERE KALAM ME KUCH TO KAMAL HAI….
TU JO BHI KALLAM (ARAZ/SPEAK)KARTA HAI KAMAL KARTA HAI
