Mainu koi dede aisi sharaab
jisda nashaa kadi na utre
jo hamesha tere hi naam di khumaari gawe
ਮੈਨੂੰ ਕੋਈ ਦੇਦੇ ਐਸੀ ਸ਼ਰਾਬ
ਜਿਸਦਾ ਨਸ਼ਾ ਕਦੀ ਨਾ ਉਤਰੇ
ਜੋ ਹਮੇਸ਼ਾ ਤੇਰੇ ਹੀ ਨਾਮ ਦੀ ਖੁਮਾਰੀ ਗਾਵੇ
Mainu koi dede aisi sharaab
jisda nashaa kadi na utre
jo hamesha tere hi naam di khumaari gawe
ਮੈਨੂੰ ਕੋਈ ਦੇਦੇ ਐਸੀ ਸ਼ਰਾਬ
ਜਿਸਦਾ ਨਸ਼ਾ ਕਦੀ ਨਾ ਉਤਰੇ
ਜੋ ਹਮੇਸ਼ਾ ਤੇਰੇ ਹੀ ਨਾਮ ਦੀ ਖੁਮਾਰੀ ਗਾਵੇ
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।
ज्यादा सोचना ये एक बिमारी है और,
मन की बात कहना उसकी दवाई..
Jyada sochna ye ek bimari hai aur,
Man ki bat kahana uski dawai…