
Enjoy Every Movement of life!

ना हो मुझ पर इतना मेहरबान
तुम्हारी सारी चालाकियां जानता हूं मैं
यह जो आये हो मेरे पास तुम चेहरा बदल कर
तुमसे मोहब्बत की थी कभी तुम्हे अच्छी तरह पहेचानता हूं मैं
हो गई होगी मोहब्बत तुम्हें राकिब के साथ
इतना तोह जानता हूं मैं
-ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Sanson ke rukne ki kya zaroorat thi “roop”
Maarne ki liye to unki ek nazar hi kaafi thi..!!
सांसों के रुकने की क्या ज़रूरत थी “रूप”
मारने के लिए तो उनकी एक नज़र ही काफी थी..!!