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Dikha tere dil me || दिल पर कविता

दिखा तेरे दिल में
क्या रहता हूँ मैं
या फिर ये झूठी वादे कसमें हैं
या हम तेरी निगाहों के बस में है
दिल के प्यार का जादू चला है
या तूने रूप से छला है।

अदाओं ने किया है असर
या नजरों का हुआ बसर
बता तेरे भी दिल की खबर
आखिर क्यों हो रहा दुनिया से बेखबर

Title: Dikha tere dil me || दिल पर कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


ऊँट की गर्दन || akbar story

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: ऊँट की गर्दन || akbar story


Khawahish || two line shayari || love sad shayari

Ek khawahish thi ke zindagi tere sath guzaru ❤
Ek khawaish yeh bhi ki teri kabhi yaad bhi na aaye 💔

एक ख्वाहिश थी के ज़िंदगी तेरे साथ गुजारूं❤
एक ख्वाहिश ये भी की तेरी कभी याद भी न आए💔

Title: Khawahish || two line shayari || love sad shayari