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Enjoy Every Movement of life!
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अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
तुम हमसे इश्क की बाते करते हो
तुम्हे कितना ही पता हैं ईश्क का
नशा जिस्म और बदसलूकी
तुम्हे इतना ही पता हैं ईश्क का
