Kite ram das kite fateh mohamad eho kadeemi shor
mitt gya doha da jhagda nikal pya kujh hor
meri bukal de vich chor
ਕਿਤੇ ਰਾਮ ਦਾਸ ਕਿਤੇ ਫ਼ਤਹਿ ਮੁਹੰਮਦ ਇਹੋ ਕਦੀਮੀ ਸ਼ੋਰ
ਮਿਟ ਗਿਆ ਦੋਹਾਂ ਦਾ ਝਗੜਾ ਨਿਕਲ ਪਿਆ ਕੁਝ ਹੋਰ
ਮੇਰੀ ਬੁੱਕਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਚੋਰ
रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं... सबको प्यार देने की आदत है हमें अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमें कितना भी गहरा जख़्म दे कोई उतना ही ज्यादा मुस्कुरानें की आदत है हमें.. इस अजनबी दुनिया में अकेला ख़्वाब हूँ मैं सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं.. आँख से देखोगे तो खुश पाओगे दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं अगर रख सकों तो एक निशानी हूं मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं...