
Eh aitbaar na tutte sajjna da..!!
Ehsan kde na bhullange
Dil tod ke sutte sajjna da..!!

Tumhe picha shudana hai mujse
Jao aazad karta hoon
Tumhare khayalon mein aakar
Na ab tumhe barbaad karta hoon
Tumhe har cheez lauta di maine
Jo tumne di thi mujko
Par tumne dhokha jo diya muje
Use tumko lautane se darta hoon!!
तुम्हें पीछा छुड़ाना है मुझसे
जाओ आजाद करता हूँ।
तुम्हारे खयालों में आकर
न अब तुम्हें बर्बाद करता हूँ।
तुम्हें हर चीज लौटा दी मैंने
जो तुमने दी थी मुझको।
पर तुमने धोखा जो दिया था मुझे
उसे तुमको लौटाने से डरता हूँ।
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।