
बड़ा उदास है ये दिल तुम्हारे बिना, कुछ नहीं है मेरे पास तुम्हारे बिना,
चाहे दिन हो या हो रात, सुकून नहीं आता इस दिल को मेरे तुम्हारे बिना

बड़ा उदास है ये दिल तुम्हारे बिना, कुछ नहीं है मेरे पास तुम्हारे बिना,
चाहे दिन हो या हो रात, सुकून नहीं आता इस दिल को मेरे तुम्हारे बिना
yaad han mujhe mere saare gunaah,
ek mohabbat karalee,
doosara tumase kar lee,
teesara bepanah kar lee..
याद हँ मुझे मेरे सारे गुनाह,
एक मोहब्बत करली,
दूसरा तुमसे कर ली,
तीसरा बेपनह कर ली..
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…