
Ke tere vich yaar hassda..!!
Dil Tod Na kise da kade bhull ke
Ke dila vich rabb vassda..!!

ਲਾ ਜਾਦਾ ਕਿਸੇ ਕਿਨਾਰੇ ਵੇ
ਅੱਜ ਕਰ ਗਿਆ ਬੇ ਸਹਾਰੇ ਵੇ
ਯਾਦ ਰਹਿਣਗੇ ਤੇਰੇ ਚੁਬਾਰੇ ਵੇ
ਪ੍ਰੀਤ ਹੁਣ ਮੇਲ ਨੀ ਹੋਣੇ ਦੁਬਾਰੇ ਵੇ
ਭਾਈ ਰੂਪਾ
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।