एक ना एक दिन तुमसे करेगा कोई गद्दारी,
तब तुम सोचोगे,
कहा गई उसकी वफादारी,
तब तुम बोलोगे,
बेकार है यह दुनिया सारी,
और तब तुम जानोगे दुनियादारी।💯
Enjoy Every Movement of life!
एक ना एक दिन तुमसे करेगा कोई गद्दारी,
तब तुम सोचोगे,
कहा गई उसकी वफादारी,
तब तुम बोलोगे,
बेकार है यह दुनिया सारी,
और तब तुम जानोगे दुनियादारी।💯
जरुर याद आएगा वो बचपन का दौर…💯
जब निकल जाओगे कमाने…मुम्बई,नासिक,इन्दौर…🫵
मोहब्बत धूप में छाँव की तरह है
धूप जमाने की तरह
तुम छाँव में रुकना मत यही छाँव ठण्ड में तुम्हें सतायेगी
ठण्ड समझदार की तरह
ये ठण्ड तुम्हें धूप की ओर ले जाएगी
धूप तुम्हे अंधेरे में छोड़ जाएगी
अंधेरे दो तरह की है
पहले में मां बाप साथ है दूसरे में उनकी याद
इसीलिये तो मां बाप अंधेरो में जीना सिखाते है
ताकी जब दूसरा अंधेरा आए तो तुम कहो
अंधेरो आओ अब हम तुम्हें रास्ता दिखाते है