एक ना एक दिन तुमसे करेगा कोई गद्दारी,
तब तुम सोचोगे,
कहा गई उसकी वफादारी,
तब तुम बोलोगे,
बेकार है यह दुनिया सारी,
और तब तुम जानोगे दुनियादारी।💯
एक ना एक दिन तुमसे करेगा कोई गद्दारी,
तब तुम सोचोगे,
कहा गई उसकी वफादारी,
तब तुम बोलोगे,
बेकार है यह दुनिया सारी,
और तब तुम जानोगे दुनियादारी।💯
कितने गुज़र गए ज़माने यूँ ज़ख्म खाने में,
बडा वक़्त लगाते हो यार मरहम लगाने में.
दासबर्दार तेरे इश्क़ में आशनाई गवा बैठे,
बावर्णा दिल-खवा अपने भी थे ज़माने में.
जो क़ल्ब परोसता है ग़ज़लों में बेदिली से मुसाहिब,
मुझे भी तोह सुना कोनसा ग़म है तेरे अफ़साने में.
मेरा ग़म कौन जाने मैं पौधा ही जानू हिज्र-ए-गुल,
बीस दिन लगते है अशर कली को फूल बनाने में…
Ke menu bekadar keh keh ke bulaunde ne
Meri kamzori da fayida Shayad uthaunde ne..!!
Mein puchdi Haan rabb ton Ki Meri galti
Jihnu Mohabbat kariye oh hi kyu rulaunde ne🙂..!!
ਕਿ ਮੈਨੂੰ ਬੇਕਦਰ ਕਹਿ ਕਹਿ ਕੇ ਬੁਲਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਮੇਰੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਸ਼ਾਇਦ ਉਠਾਉਂਦੇ ਨੇ
ਮੈਂ ਪੁੱਛਦੀ ਹਾਂ ਰੱਬ ਤੋਂ ਕੀ ਮੇਰੀ ਗਲਤੀ
ਜਿਹਨੂੰ ਮੋਹਬੱਤ ਕਰੀਏ ਉਹ ਹੀ ਕਿਉਂ ਰੁਲਾਉਂਦੇ ਨੇ🙂..!!