जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा
दिल भटक रहा है उसकी तैलाश मे , क्या वो मिला जाएगा
न सोचा था कभी साथ रहने की कसमे खा के
वो यू अकेला ही चला जाएगा
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा ?
न सोचा ज़िंदगी को रंगीन कर , अचानक यू बेरंग कर जाएगा
खवाब दिये थे जो उसने वो अधूरे ही छड़ जाएगा
जो खो गया है क्या कभी वापिस आएगा ?
….
किसी ने अच्छा,किसी ने बुरा बताया है
मेरे बारे जिसने जो सुना,वही सुनाया है
हम दोनो के दिन पर,टंगी है एक तख्ती
उसने सावधान, हमने खतरा लगाया है
हम जब जब बढ़े हैं,तो गिराया है उसने
वो जब जब गिरा, हमने हाथ बढ़ाया है
भैरव,मेरा कोहिनूर,ये पूछ रहा है हमसे
अरे क्यूं नाम के आगे,फ़कीर लगाया है