Mazboori sahwein rakhan vala bahanebaaaz nhi hunda
Chup rehan vala zroori khafa khafa nhi hunda
Chad jaan vala hmesha bewafa nhi hunda..!!
में तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
में जवाब बनता अगर तू सवाल होती
सब जानते है में नशा नहीं करता
मगर में पी लेता अगर तू शराब होती
Mein tod leta agar tu Gulab hoti
Mein jabaab deta agar tu Sawal hoti
Sab jante hai mein Nasha nahi karta
Magar mein pii leta agar tu Sharab hoti…
नींद बेचैनी से कटती रही
ख्वाब कोहरे मे छुपती रही
तेरी आवाज़ से मैं अनसुनी रही
तु मिला न कही मंज़िलों पे
मैं भटकती भटकती
तुझे ढूंढती रही
तेरा मेरा रिश्ता इन
काग़ज़ों पे खत्म हो गया
साथ तेरा मेरा युं सिमट सा गया
जैसे चार दिवारी में बंध सा गया
तेरी बातों को मैं याद करता
तेरी हँसी को मैं याद करता
हमारे उन्ही हसीन पलो को
हररोज सजाया करता