
zindagi vich kujh banna hai tan gulab banan di koshish karo, kyuki eh usde hathaan vich v khusboo chhadd janda hai jo usnu masal ke sutt dinda hai

जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है
हर लम्हे मे दर्द है और दर्द से अपनी यारी है
कुछ न देके भी भोत कुछ दिया है तूने
एसिलिए तू कही न कही हमको प्यारी है ।
नुकसान भरा नहीं पिछली बरबादी का
फिर एक दफा तुझे सवारने की तयारी है
जिंदगी तुझे ज़ीने की साझीश जारी है ।
हर दिन आके झँझोड़ जाती है तू
जैसे सदियों से तेरी हमपे उधारी है
तू साथ दे या न दे हमारा
लेकिन तुजे जीने की ज़िद्द दिल मे उतारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
वक्त का खामोशी से गुजारना ओर धडकनों का यूं शोर मचाना
एह जिंदगी तू ही बता ये कैसी बेकरारी है
लौट आए जो वो पुराने लोग
तो पुछू आखिरी कैसे उन्होने उन्होने जिंदगी गुजारी है
जिंदगी तुझे जीने की साझीश जारी है ।
उम्मीद है तू साथ चलेगी मेरे
खवाबों से भरी हाथ मे मेरे पिटारी है
पूरे हो या न हो ये किस्मत का खेल है
पर जिंदगी तुझे जीने की जंग जारी है ।
……….. अजय कुमार ।
Tujhse nazrein milayun kaise
Tere pass aayun kaise
Tere pyar mein to kho chuka hu bhut kuch
Ab khud ko bhool jayun kaise
Ye pyas to roz badti hi jati hai
Tujhe ehsaas mein dilayun kaise..!!
तुझसे नज़रे मिलाऊँ कैसे।
तेरे पास आऊँ कैसे।
तेरे प्यार में तो खो चुका हूँ बहुत कुछ।
अब खुद को भूल जाऊँ कैसे।
ये प्यास तो रोज बढ़ती ही जाती है।
तुझे एहसास मैं दिलाऊं कैसे..!!