Kuch log itne ache hote hain
ke dar laga rehta hai
Agar chhor kar chale gaye toh
hamara kya hoga
Kuch log itne ache hote hain
ke dar laga rehta hai
Agar chhor kar chale gaye toh
hamara kya hoga
जाते जाते एक उम्दा तालीम दे गया, वो मुसाफिर, खुदकी तलाश में घर से निकल गया, वो मुसाफिर, सोचा साथ जाऊं मैं भी, पर जाऊंगा कहां, जा चुका होगा मीलों दूर, उसे पाऊंगा कहां, इसी सोच में रात हुई, नींद का झोंका आ गया, सुबह आंखे खुली तो सोचा, क्या वो मौका आज आ गया ? के चला जाऊं सबसे इतना दूर के कुछ ना हो, गहरी नींद में बेड़ियां मिले पर सचमुच ना हो, सच हो तो बस आसमां में परिंदो सी उड़ान हो, चाहूंगा हर सितमगर का बड़ा सा मकान हो, वहां आवाज़ देकर झोली फैलाएगा वो मुसाफिर, तुम्हे देख भीगी पलकें उठाएगा वो मुसाफिर, मोहब्बत से एक रोटी खिलाकर देखना तुम, शोहरत से दामन भर जाएगा वो मुसाफिर...
स्कूल को अलविदा कहने से पहले
दोस्तों को यह बताना चाहता है,
यह आखिरी दिन सिर्फ
अपने दोस्तों के साथ बिताना चाहता हूँ.