हर दौर ने थोड़ा सा बदला है हमको
हम तुझसे पहले कुछ और थे तेरे बाद कुछ और है
खैर मिलना बिछड़ना तो अब बेकार की बाते है
जिस से तू मिली थी वो और था अब हम और है
Enjoy Every Movement of life!
हर दौर ने थोड़ा सा बदला है हमको
हम तुझसे पहले कुछ और थे तेरे बाद कुछ और है
खैर मिलना बिछड़ना तो अब बेकार की बाते है
जिस से तू मिली थी वो और था अब हम और है
beaabaroo hoke mahephil se nikal gaye ham,
kisee aur kee aabaroo kee khaatir…
बेआबरू होके महेफिल से निकल गये हम,
किसी और की आबरू की खातिर…
जो दर्द छुपा था सहमी सी आँखों में उसकी, वक़्त लगा पर दिख गया..
उसे भी शायद कोई गम था ऐसा, जो बेरहम इस जमाने से झिक गया..
आँखें मूंदी कई बार तो उसने, शायद गम को कहीं वो छुपा सके..
मगर हर आंसू जो उसकी आंखों से बहा, अपने हर दर्द की दास्तां लिख गया..