हर दौर ने थोड़ा सा बदला है हमको
हम तुझसे पहले कुछ और थे तेरे बाद कुछ और है
खैर मिलना बिछड़ना तो अब बेकार की बाते है
जिस से तू मिली थी वो और था अब हम और है
Enjoy Every Movement of life!
हर दौर ने थोड़ा सा बदला है हमको
हम तुझसे पहले कुछ और थे तेरे बाद कुछ और है
खैर मिलना बिछड़ना तो अब बेकार की बाते है
जिस से तू मिली थी वो और था अब हम और है
अब बस लिख के मिटा हम देते हैं, अपने ही शब्दों के जाल को..
क्यूंकि अब डायरी भी समझ नहीं पाती है, मेरे मन में चलते ख्याल को..
अब पन्ने भी मेरी कलम की स्याही से, बस दूर सा होना चाहते हैं..
अब बताएं भी तो आखिर किसे बताएं, अपने इस बिगडते हाल को..
Dil te laggi satt nu oh ki samjhugi
jo akhiyaa vichli taang na samajh saki
ਦਿਲ ਤੇ ਲੱਗੀ ਸੱਟ ਨੂੰ ਉਹ ਕੀ ਸਮਝੂਗੀ
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਵਿਚਲੀ ਤਾਂਘ ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ