हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..

Nazaraan badal gayiaan
na rahiyaan oh pehla waaliyaan gallan
ret othe di othe, badal gayiaan ne samundri chhallaan
