हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
TERI SURAT KI AB KYA TARIF KARU ME🤐
ALFAZ HI KHATM HO JATE HAI
TERI ADAYE DEKH KAR HI HUM❣
GHAYAL🤩 SE HO JATE HAI..
तेरी सूरत की अब क्या तारीफ करूँ मैं🤐
अल्फ़ाज़ ही खत्म हो जाते हैं
तेरी अदाएं देख कर ही हम❣
घायल🤩 से हो जाते हैं।।
Koi kaura bole taan chup kar jayida
Kujh lafzaan nu injh bezuban rakhde haan..!!
Akhan ch bhawein beshakk pani rehnde
Par bullan te hamesha muskan rakhde haan..!!
ਕੋਈ ਕੌੜਾ ਬੋਲੇ ਤਾਂ ਚੁੱਪ ਕਰ ਜਾਈਦਾ
ਕੁਝ ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਇੰਝ ਬੇਜ਼ੁਬਾਨ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ..!!
ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਭਾਵੇਂ ਬੇਸ਼ੱਕ ਪਾਣੀ ਰਹਿੰਦੈ
ਪਰ ਬੁੱਲ੍ਹਾਂ ‘ਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਮੁਸਕਾਨ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ..!!