हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
Aayina Phaila Raha Hai KhudFarebi Ka Ye Marz,
Har Kisi Se Keh Raha Hai Aap Sa Koi Nai.
आईना फैला रहा है खुदफरेबी का ये मर्ज,
हर किसी से कह रहा है आप सा कोई नहीं।
Chandani bhi uske samne fiki pad jaye
Suraj ki roshni bhi uske samne halki pad jaye
Kya kru e galib uske chehre pr Noor hi aisa h
uski tareef m har alfaaz kam pd jaye 😍
चांदनी भी उसके सामने फीकी पड़ जाए
सूरज की रोशनी भी उसके सामने हल्की पड़ जाए
क्या करूँ ए ग़ालिब उसके चेहरे पर नूर ही ऐसा है
उसकी तारीफ में हर अल्फ़ाज़ कम पड़ जाए😍