हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
ਜੋ ਪ੍ਮਾਤਮਾਂ ਰਾਤ ਨੂੰ ਦਰੱਖਤਾਂ ਤੇ ਬੈਠੇ ਪੰਛੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨੀਂਦ ਵਿੱਚ ਡਿੱਗਣ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਾ ਉਹ ਪ੍ਮਾਤਮਾਂ ਬੰਦੇ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਬੇਸਹਾਰਾ ਛੱਡ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬੱਸ ਲੋੜ ਹੈ ਉਸ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਤੇ ਭਰੋਸਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜੀ🙏
मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।
मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।
खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।
मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।
मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।
तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।