Skip to content

Hindi Two shayari || awesome 2 lines shayari

आम आदमी प्यार से पढ़ेंगे अगर सरल भाषा में लिखा है।

कठिन भाषा सिर्फ जनता को नहीं, बल्कि उनके सोच को भी घायल करते है।

………………………………

छोटा छोटा गलतियां अगर शुरू से रोका नहीं गया, तो एक दिन बड़ा अन्याय जन्म लेगा।

बच्चो को डांटना प्यार से, ज्यादा डांटोगे तब भी बुरा होगा।

……………………………………

अपने इंसानियत को ढूंढ ते हुए इंसान थक गए।

कम से कम अपने दिल को तो पूछो, ज्यादा दिमाग न लगाए।

…………………………….

मैं क्या हु और क्या नहीं हु, वो मुझे पाता नहीं।

मैं सिर्फ मैं हु, सूरज की तरह सही।   

………………………………..

थोड़ा थोड़ा करके काम करो रोज़, एक दिन भी न बैठो, सफल होगे।

एकदिन में सब काम करके, पूरा महीने बैठे रहोगे, तो जरूर मरोगे।

…………………………………………..

मादा हाथी अपनी बच्चा को खो के पागलपन करते है।

अपना मन भी उसकी तरह निर्बोध हैं।

……………………………………….

रोज़ रोज़ एक एक ईंट लाके गाँठना, एक दिन छूट न जाये।

एक साल के बाद देखना, अपना घर बन गए।

……………………………………………………….

बिलकुल शांत हो जायो, गुस्से में न रहो।

शांति लाता है समृद्धि और गुस्सा खा जाता है इंसान का छांव।

……………………………………..

ध्यान सबसे बड़ा व्यायाम है।

अगर मन सही है तो शरीर भी सही काम करता है।

………………………………………………..

बात पत्नी की तरह- हसती है, रुलाती भी है।  

छाया पति की तरह और काया प्यार होता है।

……………………………………………………

अपना ज़िन्दगी अपने हाथों में।

दिल से सम्हालना, दिमाग लगाके खेलना, सफलता किस्मत में।

………………………………………………

कम जानकारी है, तो कोई दिक्कत नहीं।

ज्यादा जान गए तो, जरूर फॅसोगे दिक्कत में यही।

………………………………………..

जितना पढ़ो, सोचो उतना।

नहीं तो इंसान बनेगा रोबोट, दबी हुई भावना।

………………………………………………..

सब का अधिकार में मुझे बिश्वास है।

लेकिन अनाधिकार चर्चे का अधिकार में मुझे नफरत है।

……………………………………..

मर्यादा एक ऐसा चीज है, जो खोते है, वो शेर की तरह शिकारी बनते है।

जिसे मर्यादा मिलते है, वो असामाजिक निति को छोड़ कर सामाजिक बनते है।

……………………………………..

जहा मर्यादा नहीं है, उहा मत रहो यार।

मर्यादा पानी की तरह, मरू में कौन बिठाते है घर!

Title: Hindi Two shayari || awesome 2 lines shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी।

बादशाह अकबर को शिकार करना बहुत पसंद था। एक बार की बात है, बादशाह अकबर अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकले। शिकार करते-करते वो इतने आगे चले गए कि वो अपने दल से छूट गए। उनके साथ बस कुछ ही सैनिक रह गए थे। अब शाम होने को थी और सूरज ढलने वाला था। साथ ही अकबर और उनके साथ के सैनिकों को भूख भी सताने लगी थी

काफी दूर निकल आने पर बादशाह अकबर को यह एहसास हुआ कि वो रास्ता भटक गए हैं। वहां आस-पास कोई नजर भी नहीं आ रहा था, जिससे रास्ते के बारे में पूछा जा सकता था। थोड़ी दूर और चलने पर उन्हें एक तिराहा नजर आया। बादशाह को यह देख कर थोड़ी खुशी हुई कि चलो इनमें से कोई न कोई रास्ता राजधानी तक तो जाता ही होगा।

लेकिन, सभी इसी उलझन में थे कि किस रास्ते पर चला जाए। तभी सैनिकों की नजर सड़क किनारे खड़े एक छोटे से लड़के पर पड़ी। वह लड़का बड़ी हैरानी से महाराज के घोड़े और सैनिकों के हथियारों को देख रहा था। सैनिकों ने उस बालक को पकड़कर महाराज के सामने पेश किया।

बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “ऐ लड़के। इनमें से कौन सा रास्ता आगरा जाता है?” यह बात सुनकर वह बच्चा जोर-जोर से हंसने लगा। यह देखकर राजा को बहुत गुस्सा आया। लेकिन, उन्होंने शांत भाव से उससे उसकी हंसी का कारण पूछा। लड़के ने जवाब दिया, “यह रास्ता चल नहीं सकता है, तो यह आगरा कैसे जाएगा। आगरा पहुंचने के लिए तो आपको खुद चलना पड़ेगा।”

महाराज उस लड़के की सूझबूझ को देख कर चकित रह गए। उन्होंने प्रसन्न होकर उस बच्चे का नाम पूछा। लड़के ने जवाब में अपना नाम महेश दास बताया। महाराज ने उसे इनाम में सोने की अंगूठी दी और दरबार में आने का न्योता दिया। इसके बाद बादशाह अकबर ने लड़के से पूछा, “क्या तुम मुझे बता सकते हो कि किस रास्ते पर चलने से मैं आगरा पहुंच पाऊंगा?” लड़के ने बड़ी ही शालीनता से सही रास्ता बताया और महाराज अपने सैनिकों के साथ आगरा की ओर चल पड़े।

यही लड़का बड़ा होकर बीरबल के नाम से प्रसिद्ध हुआ और बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक कहलाया।

Title: आगरा कौन सा रास्ता जाता है? || birbal akbar story


कुछ तो संभाल रखा है ……..

सौ ख्वाबों को मिला के एक ख्वाब देख रखा है ,

ज़िंदगी ने जाने फिर भी क्या हिसाब रखा है ,

तू मशरुफ़ है तेरी अहमत में,

और मैंने तेरे इंतज़ार को संभाल रखा है ।

 

माना दर्द की सौगात लाता है इश्क़ जाना ,

फिर भी मैंने अपनी मुलाकातों का गुलाब रखा है ,

तेरे साथ ही तो चल रहा है वजूद मेरा ,

तेरी यादों  का मैंने एक तकियाँ भिगो रखा है ।

 

तेरा यू इंतज़ार करवाना ,मेरे दिल को खा जाता है ,

फिर भी तुझसे मिलने का अरमान सजा रखा है ,

कभी आओ खुल के सामने जो मेरे तुम तो दिखाऊ ,

टूटे दिल मे भी तेरे लिए एक महल सजा रखा है ।  

                                     ………….अजय कुमार । 

Title: कुछ तो संभाल रखा है ……..