
Hun bas jiona e mein mere layi..!!

Kuchh apna andaaz hai kuchh mausam rangeen hai
tareef karu yaa chup rahu jurm dono hi sangeen hai
कुछ अपना अंदाज हैं कुछ मौसम रंगीन हैं,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ जुर्म दोनो ही संगीन हैं ?
गुरु…
मिट जाएगा सब अंधियारा, शिक्षा का गुणगान करो
बांटे से बढ़ता है ये तो, सदा ज्ञान का दान करो
इस धरती पर गुरूवार ही हमको, परम सत्य बतलाता है
अर्जुन जैसा बनना है तो, गुरूओं का सम्मान करो
सदा ज्ञान के पृष्ठ काले मिलेंगे
जेहन में मकडियों के जाले मिलेंगे
भटकते रहोगे अंधेरों में हरदम
गुरूवार के बिना ना उजाले मिलेंगे
ज्ञान के पांव का गोखुरू हो गये
भीड़ देखी तो फ़ौरन शुरू हो गये
आ गये चैनलों पर चमकने लगे
चन्द चेले जुटाकर गुरू हो गये
ट्यूशन पढ़ा-पढ़ा के मालामाल हो गये
और ज्ञान के सागर के सूखे ताल हो गये
किसका अंगूठा मांग लें, हैं इस फिराक़ में
पहले के गुरू अब गुरू घंटाल हो गये…..
HAPPY TEACHERS DAY 🌺