Na samjh e khud de halataan di
Hun royiye ki te hassiye ki..!!
Sade dil de haal ne hoye bure paye
Hor tenu dass dassiye ki..!!
ਨਾ ਸਮਝ ਏ ਖੁਦ ਦੇ ਹਾਲਾਤਾਂ ਦੀ
ਹੁਣ ਰੋਈਏ ਕੀ ਤੇ ਹੱਸੀਏ ਕੀ..!!
ਸਾਡੇ ਦਿਲ ਦੇ ਹਾਲ ਨੇ ਹੋਏ ਬੁਰੇ ਪਏ
ਹੋਰ ਤੈਨੂੰ ਦੱਸ ਦੱਸੀਏ ਕੀ..!!
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो