
Thak gye asin intzaar karde karde
raye hzaar vaar rabb naal ladhde ladhde
do lafz zubaano na nikle te tutt gaye
ik tarfa pyaar karde karde

Thak gye asin intzaar karde karde
raye hzaar vaar rabb naal ladhde ladhde
do lafz zubaano na nikle te tutt gaye
ik tarfa pyaar karde karde
तुझे दिल ने इस कदर चाहा है कि,
अब तो सांस भी तेरे नाम से चल रही हैं,
ये नज़रे तेरे दीदार से खुल रही हैं,
तेरे हाथों की नर्मी से मेरे चेहरे पर खुशी दमक रही है,
तेरी बातों से मेरे लब खिल रहे हैं,
मेरा मुझ में कुछ बचा ही नहीं,
अब तो मेरी जिंदगी तेरी जिंदगी से चल रही है।।
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”