Dil te laggi satt nu oh ki samjhugi
jo akhiyaa vichli taang na samajh saki
ਦਿਲ ਤੇ ਲੱਗੀ ਸੱਟ ਨੂੰ ਉਹ ਕੀ ਸਮਝੂਗੀ
ਜੋ ਅੱਖੀਆਂ ਵਿਚਲੀ ਤਾਂਘ ਨਾ ਸਮਝ ਸਕੀ
कभी लगता है इस जिन्दगी में खुशियां बेशुमार है,
तो कभी लगने लगता है जिन्दगी ही बेकार है।
कभी लगता है लोगो में बहुत प्यार है,
तो कभी लगता है रिश्तों में सिर्फ दरार है ।
कभी लगता है हम भी जिन्दगी जीने के लिए बेकरार है ,
तो कभी कभी लगता है सिर्फ हमे मौत का इंतजार है ।
कभी लगता है हमको भी उनसे प्यार है,
तो कभी लगता है सिर्फ प्यार का बुखार है।
कभी लगता है शायद उनको भी हमसे इजहार है,
फिर लगता है हम दोनों में तो सिर्फ तकरार है ।
कभी लगता है सब अपने ही यार है,
फिर लगता है इनमें भी छिपे गद्दार है ।
कभी लगता है कितना प्यारा संसार है ,
तो कभी लगता है ये संसार बस संसार है ।