Intezaar tha shaam ka was last modified: February 18th, 2024 by Himanshu Bais
हर ख़ुशी में हर गम में आपका साथ हो
मेरे भाई तुम पापा के सर ताज हो
सभी बहनों की खुशियों का तुम ही एक राज हो
तुम ही तो रक्षाबन्धन (राखी) की लाज हो
वैसे तो पत्थर की तराह कठोर हो
लेकिन पर मुसीबत आने पर मोम की तरह पिघलते हो |
कैसे जाने बिन बताये मन की बात कैसे जान लेते हो
बहनों की परेशानीयों को अपनी मान लेते हो
हर ख़ुशी में हर गम में आपका साथ हो
मेरे भाई तुम पापा के सर ताज हो
कान्हा तेरी भक्ति में मीरा बन जाऊ
राम तेरी भक्ति में शबरी बन जाऊ
तूने जो ना चाहा ऐसा कर जाऊ
तेरी खातिर मैं खुदको वार जाऊ
अगर हो साथ तेरा तो ऐसा मकाम पाऊँ
तेरे लिए सारी दुनिया से लड़ जाऊ
तेरे आशीर्वाद से ही ये दुनिया संभली
मेरी गिरते जिंदगी को तूने थामली
उसमे खुशियाँ तूने ही डाली
तेरे होने से ही हो सारे काज पूरे
बिना तेरे लगे मायूसी और ज़िंदगी अधूरी