Intezaar tha shaam ka was last modified: February 18th, 2024 by Himanshu Bais
Enjoy Every Movement of life!
Sanu raas nahi aunda eh duniya wala pyar
Sanu raas ruhaniat wali mohobbat e bas..!!
ਸਾਨੂੰ ਰਾਸ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦਾ ਇਹ ਦੁਨੀਆਂ ਵਾਲਾ ਪਿਆਰਸਾਨੂੰ ਰਾਸ ਰੂਹਾਨੀਅਤ ਵਾਲੀ ਮੋਹੁੱਬਤ ਏ ਬਸ..!!
बिछड़ के मुझसे, इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है, जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल, मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर, मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन, दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
