Intezaar tha shaam ka was last modified: February 18th, 2024 by Himanshu Bais
Enjoy Every Movement of life!
मैं बन जाऊं रेत सनम,,
तुम लहर बन जाना…
भरना मुझे अपनी बाहों में
अपने संग ले जाना..!!
अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ,
जैसे कोई खूबसूरत जगह हो हसीन शाम के साथ।
ये लकीरें ये नसीब ये किस्मत,
सब फ़रेब के आईने हैं,
हाथों में तेरा हाथ होने से ही,
मुकम्मल ज़िन्दगी के मायने हैं।
मुसाफर इश्क़ का हूं मैं
मेरी मंज़िल मुहब्बत है,
तेरे दिल में ठहर जाऊं
अगर तेरी इजाज़त है।
Hun hassde vi nahi fer hanjhu vi na bhareyo
Jado chale jawange fer yaad vi na kareyo🤟..!!
ਹੁਣ ਹੱਸਦੇ ਵੀ ਨਹੀਂ ਫਿਰ ਹੰਝੂ ਵੀ ਨਾ ਭਰਿਓ
ਜਦੋਂ ਚਲੇ ਜਾਵਾਂਗੇ ਫਿਰ ਯਾਦ ਵੀ ਨਾ ਕਰਿਓ🤟..!!
