is duniya ke log bhee kitane ajeeb hai na,
saare khilaune chhod kar jazabaaton se khelate hain…
इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं…
is duniya ke log bhee kitane ajeeb hai na,
saare khilaune chhod kar jazabaaton se khelate hain…
इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं…
रख सकों तो एक निशानी हूँ मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं रोक ना पाए जिसको ये सारी दुनिया वो एक बूंद आँख का पानी हूँ मैं... सबको प्यार देने की आदत है हमें अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमें कितना भी गहरा जख़्म दे कोई उतना ही ज्यादा मुस्कुरानें की आदत है हमें.. इस अजनबी दुनिया में अकेला ख़्वाब हूँ मैं सवालों से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं जो समझ ना सके मुझे उनके लिए कौन जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं.. आँख से देखोगे तो खुश पाओगे दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं अगर रख सकों तो एक निशानी हूं मैं खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं...
vo jaan gaya hamen dard mein bhee muskuraane kee aadat hai,
isalie vo roz naya duhkh deta hai meree khushee ke lie.
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है,
इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए.