is duniya ke log bhee kitane ajeeb hai na,
saare khilaune chhod kar jazabaaton se khelate hain…
इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं…
is duniya ke log bhee kitane ajeeb hai na,
saare khilaune chhod kar jazabaaton se khelate hain…
इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना,
सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं…
Ik saaah
Ik chaaa
Te Iko hi raaah hove.
Iko hi jind
Ik jaan
ਤੇਰਾ mere nal ਮੇਰਾ tere nal hi dhyaan hove.
Sari duniya hove oss paar #Bal_Saab ਤੇ #Amu nu dekh dekh sabdi jubaan te waah waah hove.।।।।।।।
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है