Ishq hai mere bhi jehan me magar kisi raat ki tarah sunsaan hai
likhta hu jiske liye sab wo ab tak anjaan hai
इश्क़ है मेरे भी जेहन में मगर किसी रात की तरह सुनसान है !
लिखता हूं जिसके लिए सब वो अब तक अनजान है | ____Vikram♥️
Ishq hai mere bhi jehan me magar kisi raat ki tarah sunsaan hai
likhta hu jiske liye sab wo ab tak anjaan hai
इश्क़ है मेरे भी जेहन में मगर किसी रात की तरह सुनसान है !
लिखता हूं जिसके लिए सब वो अब तक अनजान है | ____Vikram♥️
apano ko door hote dekha,
sapano ko choor hote dekha,
are log kahate hain kee phool kabhee rote nahee,
hamane phoolon ko bhee tanhaiyon me rote dekha..
अपनो को दूर होते देखा,
सपनो को चूर होते देखा,
अरे लोग कहते हैँ की फूल कभी रोते नही,
हमने फूलोँ 🌺को भी तन्हाइयोँ मे रोते 😥देखा..
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..