Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!
Kyee vaar
aapa nu Ptta hunda,
k oh kdii mera nhii ho skda…
prr frr v
uss naal pyrr vddhda rhenda 😞