Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
Socha tha tadpayenge hum unhe,
Kisi aur ka naam leke jalayenge hum unhe,
Fir socha mene unhe tadpaake dard mujhe hi hoga,
To Fir bhala kis trah stayein hum unhe😐
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।😐
💙दिल का दर्द ज़बाँ पे लाना मुश्किल है
अपनों पे इल्ज़ाम लगाना मुश्किल है
बार-बार जो ठोकर खाकर हँसता है
उस पागल को अब समझाना मुश्किल है
दुनिया से तो झूठ बोल कर बच जाएँ,
लेकिन ख़ुद से ख़ुद को बचाना मुश्किल है।
पत्थर चाहे ताज़महल की सूरत हो,
पत्थर से तो सर टकराना मुश्किल है।
जिन अपनों का दुश्मन से समझौता है,
उन अपनों से घर को बचाना मुश्किल है।
जिसने अपनी रूह का सौदा कर डाला,
सिर उसका उठाना मुश्किल है।💙