Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
Mein ishq ka fakeer hu sahib
Khairaat mein chahta hun mehboob ko ❤
मैं इश्क़ का फ़कीर हूं साहिब,
खैरात में चाहता हूं महबूब को।❤
अगर औरत नहीं होती, तो मुहब्बत नहीं होती।
अगर बंगाल माँ नहीं होती, तो भारत माता भी नहीं होती।
हर एक इंसान के पास दिल है।
भारत में भी बंगाल है।
मर्द सिर्फ इंसान होता है।
औरत केवल माँ होती है।
इंसान को दुःख देने में बहुत मज़ा आता है।
इंसान का दुःख में सिर्फ कुत्ते रोते हैं।
जिंदगी का स्टेशन पर ट्रेन रुक गई।
समय कभी रुकता नहीं, छुट्टी गुज़र गई।
समय की नदी, मैं अकेला नहीं।
पिता नाव है, माँ मांझी, जिंदगी यही।
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
पृथ्वी को हरा-भरा बनाए
पेड़ों के मीठे फल खाएं
फूलों की सुगंध फैलाएं
पेड़ों से छाया हम पाएं
चारों ओर प्राणवायु फैलाएं
मिट्टी को उपजाऊ बनाएं
भूजल स्तर को यह बढ़ाएं
बारिश का पानी ये ले आए
मिट्टी के कटाव को ये बचाएं
पक्षी इनपर अपना नीड़ बनाए
प्रदूषण से ये हमें बचाएं
जब पेड़ों से लाभ इतना पाएं
तो मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए
इन पेड़ों को क्यूं सताए
इनके संरक्षण की कसम हम खाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं…
तरुण चौधरी