
Sunakhi hawawan di chaal howe..!!
“Roop” ishq kariye esa rabb varga
Marna jina bs ikk de naal howe..!!

किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी
Matlab de rishteya naalo
Hun taan dooriyan hi changiya ne…
ਮਤਲਬ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਨਾਲੋਂ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਦੂਰਿਆ ਹੀ ਚੰਗੀਆਂ ਨੇ….
gumnaam ✍️✍️