ईश्वर से कह दूं आज ,या तो मेरी सोच, मेरी फितरत बदल या फिर ऐसा कर मेरी किस्मत बदल। गर तेरा है यकीं तो मेरा भी जवाब सुन। मैं ख्वाब नहीं बदलूंगा तू हकीकत बदल।
Enjoy Every Movement of life!
जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है
वो जो खेतों की मेड़ो पर उदास बैठे हैं
उन्हीं की आंखों में अबतक ईमान बाकी है
बादलों अब तो बरस जाओ सूखी जमीनों पर
किसी का घर गिरवी है और किसी का लगान बाकी है
Yun to bheed kaafi huya karti thi, mehfil mein meri,
Fir mein sach bolta gya aur log uthte gaye..!💯
यूँ तो “भीड़” क़ाफी हुआ करती थी,”महफ़िल” में मेरी,
फिर मैं “सच” बोलता गया..और लोग “उठते” गए..!💯