ईश्वर से कह दूं आज ,या तो मेरी सोच, मेरी फितरत बदल या फिर ऐसा कर मेरी किस्मत बदल। गर तेरा है यकीं तो मेरा भी जवाब सुन। मैं ख्वाब नहीं बदलूंगा तू हकीकत बदल।
Enjoy Every Movement of life!
मैं मुकम्मल होके भी अधूरा ही रहा हु ,
तमाम आजमइशों के बाद भी अकेला ही रहा हु ।
मैं हर बार करता रहा जिसकी हसी की दुआ
बदले मे इसके हर बार रोता रहा हूँ ।
हर बार बेवजह रूठता है कोई मुझसे
लाख कोशिशों के बाद भी खुद को खोटा रहा हूँ ।
मेरी कोशीशे मिटा रही है तमाम जख्मो को मेरे ,
दूसरी तरफ जज़बातो की आड़ मे एनहे खुरेद रहा हूँ ।
