Bada jana pehchana sa rishta ban gya ik anjaan ke sath na koi usse pehle na koi uske baad🤍
बड़ा जाना पहचाना सा रिश्ता बन गया इक अंजान के साथ न कोई उससे पहले ना कोई उसके बाद🤍
Bada jana pehchana sa rishta ban gya ik anjaan ke sath na koi usse pehle na koi uske baad🤍
बड़ा जाना पहचाना सा रिश्ता बन गया इक अंजान के साथ न कोई उससे पहले ना कोई उसके बाद🤍
कोई खुशियों की चाह में रोया,
कोई दुखों की पनाह में रोया,
अजीब सिलसिला हैं ये “ज़िंदगी” का..
कोई भरोसे के लिए रोया,
कोई भरोसा कर के रोया!! ??
Koi khusiyo ki chah main roya,
Koi dukhon ki panah main roya,
Ajeeb silsila hai ye zindagi ka,
Koi bharose ke liye roya,
Toh koi bharosa karke roya. ??
तलाश लो ये जिस्म मगर, रूह तक कैसे जाओगे,
छान लो शहर सारा मगर, दर तक कैसे जाओगे,
आओगे जब वापस तो, नज़रें झुकी होगी तुम्हारी
तड़पेगा वो जिस्म ओर तुम, गुनहगार बन जाओगे...