Jehra chhad k hi tur gya
ohde baare sochna hi ki
navjot chal ohdi marzi si yaar
hun ohnu rokna hi ki
ਜਿਹੜਾ ਛੱਡ ਕੇ ਹੀ ਤੁਰ ਗਿਆ
ਓਹਦੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚਣਾ ਹੀ ਕੀ
Navjot ਚਲ ਉਹਦੀ ਮਰਜ਼ੀ ਸੀ ਯਰ
ਹੁਣ ਉਹਨੂੰ ਰੋਕਣਾ ਹੀ ਕੀ ✅
Jehra chhad k hi tur gya
ohde baare sochna hi ki
navjot chal ohdi marzi si yaar
hun ohnu rokna hi ki
ਜਿਹੜਾ ਛੱਡ ਕੇ ਹੀ ਤੁਰ ਗਿਆ
ਓਹਦੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚਣਾ ਹੀ ਕੀ
Navjot ਚਲ ਉਹਦੀ ਮਰਜ਼ੀ ਸੀ ਯਰ
ਹੁਣ ਉਹਨੂੰ ਰੋਕਣਾ ਹੀ ਕੀ ✅
एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?
बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।
बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।
उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।
बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।
अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।
अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।
दूरी हमारे प्यार की काबिलियत थोड़ी बया करेगी
बयां करेगी हमारी तड़प एक दूसरे
से इतना दूर रहने के बाद भी
बहुत ही तकदीर से मिला है तू
इतनी आसानी से नहीं जाने दूंगी
भले ही मिलो दूर रहेंगे
लेकिन एक दूसरे से मिलकर रहेंगे
थोड़ा हँसेंगे थोड़ा रोयेंगे लड़ेंगे झगड़ेंगे
लेकिन एक दूसरे से दूर कभी नहीं होएंगे
दूरिया अक्सर गलत फेमिया बना देती ही दो दिलो में
वो गलत फेमिया अक्सर लड़ाई का रूप ले लेती है
पर लड़ाई कहाँ नहीं होती किस रिस्ते में नहीं होती
सब जगह होती है और उन लड़ाईयों को
सुलझाया जाता हैन उलझाया नहीं
ये सफर आसान नहीं लेकिन मंजिल खूबसूरत है।
और जो चल पड़े हैं संग हर मंजिल को पा लेना है
सुनो वादा करो की मंजिल आने से पहले रुख नहीं मोड़ोगे
इस चेहरे की मुस्कान की वजह तुम हो ,
जिंदगी को खुशहाल बनाने की वजह तुम हो
तुम्हे अंदाज़ा भी नहीं की तुम अगर पीछे हटे
तो क्या लेकर हटोगे अपने जिस्म के अलावा
जब दो दिल जुड़ते हैं तो बहुत कुछ जुड़ जाता है
सिर्फ दिल ही नहीं मैं यही हु और हमेशा रहूँगा
बस तुम साथ निभाना। ….