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JISM TAAN PEHLA HI | VERY SAD SHAYARI

jism tan pehla hi mar gya c
jadon tu chhad k gai c
hun tan sirf dil vich dhadkan dhadkdi hai
te duji aakh vich vasi tasveer chamkdi hai

ਜਿਸਮ ਤਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਮਰ ਗਿਆ ਸੀ
ਜਦੋਂ ਤੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਗਈ ਸੀ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਸਿਰਫ ਦਿਲ ਵਿਚ ਧੜਕਨ ਧੜਕਦੀ ਏ
ਤੇ ਦੂਜ਼ੀ ਅੱਖ ਵਿੱਚ ਵਸੀ ਤਸਵੀਰ ਚਮਕਦੀ ਏ

Title: JISM TAAN PEHLA HI | VERY SAD SHAYARI

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dil de haal || Punjabi shayari images || Punjabi status

True shayari || true line Punjabi status || Kade shant ho bethe kade khade kare bawaal
Hun taan mein vi jana mere dil de haal..!!
Kade shant ho bethe kade khade kare bawaal
Hun taan mein vi jana mere dil de haal..!!

Title: Dil de haal || Punjabi shayari images || Punjabi status


माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry

पहली धड़कन भी मेरी धडकी थी तेरे भीतर ही,
जमी को तेरी छोड़ कर बता फिर मैं जाऊं कहां.

आंखें खुली जब पहली दफा तेरा चेहरा ही दिखा,
जिंदगी का हर लम्हा जीना तुझसे ही सीखा.

खामोशी मेरी जुबान को  सुर भी तूने ही दिया,
स्वेत पड़ी मेरी अभिलाषाओं को रंगों से तुमने  भर दिया.

अपना निवाला छोड़कर मेरी खातिर तुमने भंडार भरे,
मैं भले नाकामयाब रही फिर भी मेरे होने का तुमने अहंकार भरा.

वह रात  छिपकर जब तू अकेले में रोया करती थी,
दर्द होता था मुझे भी, सिसकियां मैंने भी सुनी थी.

ना समझ थी मैं इतनी खुद का भी मुझे इतना ध्यान नहीं था,
तू ही बस वो एक थी, जिसको मेरी भूख प्यार का पता था.

पहले जब मैं बेतहाशा धूल मैं खेला करती थी,
तेरी चूड़ियों तेरे पायल की आवाज से डर लगता था.

लगता था तू आएगी बहुत  डाटेंगी और कान पकड़कर मुझे ले जाएगी,
माँ आज भी मुझे किसी दिन धूल धूल सा लगता है.

चूड़ियों के बीच तेरी गुस्से भरी आवाज सुनने का मन करता है,
मन करता है तू आ जाए बहुत डांटे और कान पकड़कर मुझे ले जाए.

जाना चाहती हूं  उस बचपन में फिर से जहां तेरी गोद में सोया करती थी,
जब काम में हो कोई मेरे मन का तुम बात-बात पर रोया करती थी.

जब तेरे बिना लोरियों  कहानियों यह पलके सोया नहीं करती थी,
माथे पर बिना तेरे स्पर्श के ये आंखें जगा नहीं करती थी.

अब और नहीं घिसने देना चाहती तेरे ही मुलायम हाथों को,
चाहती हूं पूरा करना तेरे सपनों में देखी हर बातों को.

खुश होगी माँ एक दिन तू भी,
जब लोग मुझे तेरी बेटी कहेंगे.

Title: माँ को बेटी की पुकार कविता ||Hindi poetry