us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
हजार बार माफ किया तुमने एक आखिरी दफा भी कर दो ना
दिल वीरान हो गया है तेरे जाने से एसे भर दो ना
तेरी खामोशिया पल-पल मारेगी मुझे
अपना समझ ही फिर अपना कर दो ना
लाख बुरा हूँ चाहे मैं
पर हूँ तो तेरा समझो ना ….. एक आखिरी दफा माफ करो दो ना ।
तुझसे दूर जाऊ भी तो जाऊ कैसे टूजसे मेरी रूह जुड़ गयी है
तुझे नाराज करके मेरी रूह मेरे जिस्म से उड़ गयी है ,
अपने गले लगा के कह दे की तू मेरी है
तुझे फिर देखने को मेरी आँख तरस गयी है ।
ये मेरी जिंदगी एक बेजान सी हो गयी है
बस अब साँसों का रुकना बाकी है
yeh meri zindagi ek bejaan si ho gai hai
bas abh saanso ka rukna baaki hai