us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..
Mere Bina aukha saaran lagga
Mein ode utte fira Mardi
Oh v jaan metho vaarn lagga❤️..!!
ਮੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਔਖਾ ਸਾਰਨ ਲੱਗਾ
ਮੈਂ ਉਹਦੇ ਉੱਤੇ ਫਿਰਾਂ ਮਰਦੀ
ਉਹ ਵੀ ਜਾਨ ਮੈਥੋਂ ਵਾਰਨ ਲੱਗਾ❤️..!!