us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
us shakhsh ka gam bhi koi soche
jise rota hua na dekha ho kisi ne
उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे,
जिसे रोता हुआ ना देखा हो किसी ने।
kade socheyaa hi nahi c ke
asi v ishq ch haara ge
tere bina taa kade rehna v nahi sikhyaa
aur aaj saal ho gya
pata nahi c ke tere ton begair v asi ji paalange
ਕਦੇ ਸੋਚਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਿ
ਅਸੀਂ ਵੀ ਇਸ਼ਕ ਚ ਹਾਰਾਂ ਗੈ
ਤੇਰੇ ਬਿਨਾ ਤਾਂ ਕਦੇ ਰੇਹਨਾ ਵੀ ਨਹੀਂ ਸਿਖਿਆ
ਔਰ ਆਜ ਸਾਲ ਹੋ ਗਿਆ
ਪਤਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਕਿ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਵੀ ਅਸੀਂ ਜੀ ਪਾਲਾਂ ਗੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
आदमी कैसे है, चेहरा देख के पता लगता।
बातें सुन के लगता है मैं सही तालाब का पानी पीता।
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बातें करके, बातें सुन के, समय बर्बाद मत करो।
काम पे लगे रहो, ज़िंदगी में कुछ करो।
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रोटी आग में फूल जाते है।
ज़िंदगी रोटी की तरह- प्रेरणा उसमें प्राण भरते है।
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सुविधा अगर एक बार मिल गए, तो ज़िंदगी भर उसे पाने के लिए दौड़ेगा इंसान।
वह एक ऐसा चीज है, जो मेहनती को बनाता है अकर्मण्य और ईमानदार को बेईमान।
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सुविधा मृत्यु से भी भयानक।
एक बार मिल जाये, तो समझलो आपके प्रतिभा को खा जायेगा कोई घातक।
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आग बुझ जाती है, लेकिन प्यार कभी नहीं।
वायरस भी प्यार की तरह, डेल्टा या ओमिक्रोण, मौजूद सही।
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हमेशा मुख बंद रखो, युद्ध नहीं होगा।
यह सच्चाई फिर से कोविड ने सिखाया।
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