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k naa jane kaun itna haseen hoga || Hindi shayari

कि 🤪ना जाने कौन😃 इतना हसीन होगा😃
जिसके हाथ😬 में आपका😇 नसीब होगा
अरे😬 आपको चाहने 😃वाले हजार हैं💯💯
पर जिसे😁 आप चाहे वो🤔 बड़ा खुद नसीब होगा🔥🔥🔥

Title: k naa jane kaun itna haseen hoga || Hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mein nahi kahunga || hindi shayari

Mein nhi kahunga ke tu har dam mere sath khada rahe
Par jab gir jau kahi safar mein
To hath thaam le mera, bas itni guzarish karunga..
Mein nahi kahunga ke tu margdarshan bna rahe ta umar mera
Par jab karna pade chunav zindagi mein
To apni kadvi slah ka thoda sa Itr mujh par chidak dena..
To ho sakta hai kayi saal nikal jaye aur tujhse mulakat bhi na ho
Par jab awaz doon tujhe musibat k sme
Tu dhaal ban jaye mera, mein bas bhagwan se yahi ardaas har baar karunga❤️

मैं नहीं कहूँगा कि तू हर दम मेरे साथ खङा रहे।
पर जब गिर जाऊँ कही सफर में
तो हाथ थाम ले मेरा ,बस इतनी गुजारिश करूँगा।
मैं नहीं कहूँगा कि तू  मार्गदर्शक बना रहे ताउम्र मेरा।
पर जब करना पङे चुनाव जिदंगी में
तो अपनी कङवी सलाह का थोङा सा इत्र मुझ पर छिङक देना।
हो सकता है कई साल निकल जाए और तुझसे मुलाकात भी ना हो।
पर जब आवाज़ दूँ तुझे मुसीबत के समय
तू ढाल बन जाए मेरा, मैं बस भगवान से यहीं अरदास हर बार करूँगा❤️

Title: Mein nahi kahunga || hindi shayari


Love poetry || Hindi Poems on mohobbat

देखा तो तुझे जब पहली बार मैंने,
अपनी आंखों पर न किया था एतबार मैंने,
क्या होता है कोई इतना भी खूबसूरत,
यही पूछा था खुदा से बार-बार मैंने।
तेरे नीले नीले नैनो ने किया था काला जादू मुझ पर,
यूं ही तो नहीं खो दिया था करार मैंने।

कायदा इश्क जब से पड़ा है,
इल्म बस इतना बचा है मुझ में,
फकत नाम तेरा मैं लिख लेता हूं, पढ़ लेता हूं।

आग बरसे चारों तरफ इस जमाने के लिए,
मेरी आंखों की नमी में हो पनाह किसी को छिपाने के लिए।
वो है खुदगर्ज बड़ी मैं जानता हूं,
लौट आएगी फिर से खुद को बचाने के लिए।

मिजाज हो गए तल्ख जब मतलब निकल गया,
ना हुई दुआ कबूल तो मजहब बदल गया।
वो जो कहते थे कि मेरी चाहत कि खुदा तुम हो,
कभी बदली उनकी चाहत कभी खुदा बदल गया।

चल मान लिया कोई तुझसे प्यारी नहीं होगी,
पर शर्त लगा लो तुम से भी वफादारी नहीं होगी।
तेरी बेवफाई ने मेरा इलाज कर दिया है,
पक्का अब हमें फिर से इश्क की बीमारी नहीं होगी।

प्यार जब भी हुआ तुमसे ही हुआ,
कोशिश बहुत की मैंने किसी और को चाहने की।
एक तो तेरा इश्क था ही और एक मैंने आ पकड़ा,
अब कोई कोशिश भी ना करना मुझ को बचाने की।

यह जो आज हम उजड़े उजड़े फिरते हैं,
हसरतें बहुत थी हमें भी दुनिया बसाने की।
मुझे आज भी तुमसे कोई गिला नहीं है,
दस्तूर ही कहां बचा है मोहब्बत निभाने का।

इस शहर में मुर्दों की तादाद बहुत है,
कौन कहता है कि ये आबाद बहुत है,
जुल्मों के खिलाफ यहां कोई नहीं बोलता,
बाद में करते सभी बात बहुत हैं।

मेरे छोटे से इस दिल में जज्बात बहुत हैं,
नींद नहीं है आंखों में ख्वाबों की बरसात बहुत है।
राह नहीं, मंजिल नहीं, पैर नहीं कुछ भी नहीं,
मुझे चलने के लिए तेरा साथ बहुत है।

दूर होकर भी तू मेरे पास बहुत है,
सगा तो नहीं मेरी पर तू खास बहुत है।
जिनकी टूट चुकी उनको छोड़ो बस,
हमें तो आज भी उनसे आस बहुत है।

Title: Love poetry || Hindi Poems on mohobbat