Main kabhi kabhi ye sochta hu agar aap na hoti to kya hota
lekin itna janta hu main khush hota.
Main kabhi kabhi ye sochta hu agar aap na hoti to kya hota
lekin itna janta hu main khush hota.
सदा तुम नफरत करते हो ,पर तुमको मुझसे प्यार हैं
मेरा प्रेम हैं हल्का फुल्का , पर ये नफरत तुम पर ही भार हैं |
जो नफरत बन फुट पड़ी हैं , बस वही प्यार का सार हैं
चाहे जितनी शिद्दत कर लो , मुझको यह स्वीकार हैं ,
भैया तुम क्या जानो कितना प्यार मुझसे करते हो
अपने दिल के हाथों तुम , इतना क्यों बेजार हो
तेरे दर पर जब आउंगी क्या दूर खड़े ही पाओगे
निश्चल जड़ बन खड़े रहोगे , आँख में भर ना पाओगे |
मामा कह जब वे दौड़ेंगे ,क्या उन्हें गोद में न ले पाओगे
बच्चों की मुस्कान देख तुम , क्या निष्ठुर रह पाओगे
जब शादी होगी तेरी तो क्या जीजू से द्वेष मनाओगे
बहने करती हैं जो रश्मे ,वो किस्से करवाओगे
कोन करेगा टिका तेरा , हल्दी किससे लगवाओगे
बहन से होगी इतनी नफरत तो, गैरो से खाक निभाओगे
प्यार में ज्यादा शक्ति हैं या नफरत में हैं बताओगे
मैं तुम्हे चुनोती देती हैं , तुम नफरत करके दिखलाओगे
तुम गुस्से को मत शांत करो ,और नफरत मुझेसे करते रहना
स्नेह की अग्नि पावन हैं , तुम ही पिघलोगे ये कहती बहना
“Makke Gaye Gal Mukdi nai” Shayari in Punjabi font and English translation:
“Makke Gaye” is the most popular shayari of “Baba Bulleh Shah“. Here are the lines in Punjabi (Gurmukhi) and in English translation:
Gaya gayaan gal mukdee naheen
Pawain sow sow pand parrhaeeay
Bulleh Shah gal taeeyon mukdee
Jadon May nu dillon gawaeeay
“ਗਯਾ” ਗਿਆ ਗੱਲ ਮੁੱਕਦੀ ਨਾਹੀਂ
ਭਾਵੇਂ ਸੌ ਸੌ ਪੰਡ ਪੜਾਈਏ,
“ਬੁੱਲੇ ਸ਼ਾਹ” ਗੱਲ ਤਾਹੀਓ ਮੁੱਕਦੀ
ਜਦੋਂ ਮੈਂ ਨੂੰ ਦਿਲੋਂ ਗਵਾਈਏ
Going to Gaya is not the ultimate
Even if hundreds of worships are done
Bulleh Shah the ultimate is
When the “I” is removed from the heart!