कभी ना कभी तो उनकी आँखों में मेरा अक्स दिखा देगा..
जो उन्हें आज भी बेताहाशा चाहता है, वो शक्श दिखा देगा..
जब जमाने ने ठुकरा दिया उनको, तब अपनी नजरों में पनाह दी थी..
फिर से जब जमाना उन्हें ना-गवार होगा, तब दोबारा मेरी ओर उन्हें लक्ष दिखेगा..
कभी ना कभी तो उनकी आँखों में मेरा अक्स दिखा देगा..
जो उन्हें आज भी बेताहाशा चाहता है, वो शक्श दिखा देगा..
जब जमाने ने ठुकरा दिया उनको, तब अपनी नजरों में पनाह दी थी..
फिर से जब जमाना उन्हें ना-गवार होगा, तब दोबारा मेरी ओर उन्हें लक्ष दिखेगा..
tadapate hai neend ke lie to yahee dua nikalatee hai,
bahut buree hai mohabat,
kisee dushman ko bhee na ho…..
तड़पते है नींद के लिए तो यही दुआ निकलती है,
बहुत बुरी है मोहबत,
किसी दुश्मन को भी ना हो…..
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai