कहां था ना बदल जाओगे, इस वक़्त की तरह
मगर ईतना तो, यह वक़्त भी नहीं बदला
जीतना तुम बदल गए।
कहां था ना बदल जाओगे, इस वक़्त की तरह
मगर ईतना तो, यह वक़्त भी नहीं बदला
जीतना तुम बदल गए।
Chehra dekh kar nahi jaan paoge haqeeqat meri..
Kahi pathar kahi moti to kahi aayina hu mein…!!😊
चेहरा देख कर नही जान पाओगे हक़ीक़त मेरी….
कहीं पत्थर कहीं मोती तो कहीं आईना हूँ मैं…!!😊
वो खुद भूखा रहकर तुम्हारा पेट सींच रहा है,
देखो आज,
चेहरे पर मुस्कान लिए भीगी पलकें मीच रहा है,
दो वक्त की रोटी, रोटी देने वालों को नसीब नहीं,
वो कौनसा तुम्हारी भारी जेबों से नोट खीच रहा है....
थोड़ी खुशियां उनकी झोली में भी नसीब हो,
आज दूर है कल वापस मिट्टी के करीब हो,
इक सैलाब ने खूब कोहराम मचाया,
ऐसा ना हो के दूसरा भी करीब हो...