कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
Paimaana aadha shodhna, yeh kaha ka lihaaz hai
nazre bhar jaati hai dil lgaakar peene se
पैमाना आधा छोड़ना, ये कहां का लिहाज़ है,
नजरें भर जाती है दिल लगाकर पीने से...
hun koi darr nahi je lutte v jaye
kujh farak nahi painda je hun tutt v jaye
akhaa vich hanju chehre te haasa saade
umeed bas aini hai bas yaar samajh jaye
ਹੁਣ ਕੋਈ ਡਰ ਨਹੀਂ ਜੇ ਲੁਟੇ ਵੀ ਜਾਏਂ
ਕੁਝ ਫ਼ਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਜੇ ਹੁਣ ਟੁੱਟ ਵੀ ਜਾਏਂ
ਅਖਾਂ ਵਿਚ ਹੰਜੂ ਚੇਹਰੇ ਤੇ ਹਾਸਾ ਸਾਡੇ
ਉਮਿਦ ਬਸ ਏਨੀ ਹੈ ਬੱਸ ਯਾਰ ਸਮਝ ਜਾਏਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷