कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
सबर की ये जिंदगी जाने केबी मुक्क्मल फल दिलाएगी
खाक हुये खवाबों पर कब नई कली आएगी ,
मसरूफ़ रहे हम सदा किताबों मे
क्या पता था जिंदगी का अशली सबक तो ठोकर शिखएगी ।
जो नोका जा रही ह दरीया के साथ
वो क्या ही वापिस किनारा दिखाएगी
अगर यू ही चलती रही खोवाबों की हकीकत से जंग
तो यकीनन जल्दी ही इंतकाल की खबर आएगी ।
Jo kadi haqeeqat nahi banne, o kuaab sajaa rahe haa
jis raah koi manzil nahi milni, ose raahi jaa rahe haa
paun di khawaahish nahi, fer v rishta nibha rahe haa
bas ik umeed sahaare din bitaa rahe hai
ਜੋ ਕਦੀ ਹਕੀਕਤ ਨਹੀ ਬਨਣੇ,ਓ ਖੁਆਬ ਸਜਾ ਰਹੇ ਹਾਂ..
ਜਿਸ ਰਾਹ ਕੋਈ ਮੰਜ਼ਿਲ ਨਹੀ ਮਿਲਣੀ,ਓਸੇ ਰਾਹੀਂ ਜਾ ਰਹੇ ਹਾਂ..
ਪਾਉਣ ਦੀ ਖਵਾਹਿਸ਼ ਨਹੀ,ਫੇਰ ਵੀ ਰਿਸ਼ਤਾ ਨਿਭਾ ਰਹੇ ਹਾਂ..
ਬਸ ਇਕ ਉਮੀਦ ਸਹਾਰੇ ਦਿਨ ਬਿਤਾ ਰਹੇ ਹਾਂ..