कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
Enjoy Every Movement of life!
कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
नजदीकियां ना अब युह बढ़ायो हम से
दुरियां हीं अब अच्छी लगती हैं
मोहब्बत में तोह आंसू आते हैं आंखों से
और तुम्हारी यह आंखें बिना आसूंओं के ही अच्छी लगती हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
