कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
Enjoy Every Movement of life!
कई मुलाक़ातों के बाद आख़िर, ये मुलाक़ात आई है..
आएगी फिर से सुकून भरी नींद, फिर वो रात आई है..
हम सोऐ नहीं ना जाने कब से, आराम अधूरा है..
मेरी राहत की साँसें वो देखो मेरी जान, अपना साथ लाई है..
Sham toh abhi bhi roj hoti hai, kafir
Baat yeh hai ke ab wo laut kar ghar nahi aate शाम तो अभी भी रोज़ होती है, काफ़िर,
बात ये है कि अब वो लौट कर घर नहीं आते...

Chug chug pathar tere shehar diyaan galiyaan chon
aapne dil di senjh te dharanga
peedh judaai vali zaranga te c v nahi karanga