तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
जिंदगी में आये हो तो उलझना भी पड़ेगा।
रिस्तो की गांठे कभी खोल कर तो ।
तो कभी जोड़ कर उसको निभाना भी पड़ेगा।
मौत आने से पहले जिंदगी खुल कर जी लो।
नही तो अफसोस के साथ उलझने भी मिटाना होगा और खुद भी मिटना होगा!!💐
