तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..

