तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
Kya karu mein un nasamjho ko apna haal-e-dil batakar
Jinko aksar mere jazbaat keval shabad lagte hain…..🙃😏
क्या करूँ मैं उन नासमझों को अपना हाल-ए-दिल बताकर जिनको अक्सर मेरे जज़्बात केवल शब्द लगते हैं….. 🙃😏
sazaa suna hi chuke ho toh haal mat pochhna
agar ham beksoor nikle toh tumhe taqleef hogi
ਸਜਾ ਸੁਨਾ ਹੀ ਚੁਕੇ ਹੋ ਤੋ ਹਾਲ ਮਤ ਪੂਛਨਾਂ,
ਅਗਰ ਹਮ ਬੇਕਸੂਰ ਨਿਕਲੇ ਤੋ ਤੁਮਹੇ ਤਕਲੀਫ ਹੋਗੀ ।❤️