तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
Enjoy Every Movement of life!
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।
