तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
Nazron mein kaid hai mere kuch haseen sapne
Mein ankhein band kar lu to duniya mujhe tanha karaar deti hai
Agar hawayon ko choo lun ti mere par kaat deti hai
Sapne dekhna to aadat hai meri
Bas yahi ek khushi hai jo mera gam bant deti hai…
नजरों में कैद हैं मेरे कुछ हसीन सपने…
मै आँखे बंद कर लूं तो दुनिया मुझे तनहा करार देती है,
अगर हवाओं को छू लूं तो मेरे पर काट देती है,
सपने देखना तो आदत है मेरी,
बस यही एक खुशी है जो मेरा गम बांट देती है…
Kuch Adhure se khwab yun hi adhure hai aaj
mukkamal se hum kahi na kahi adhure hai aaj
dekh aayna sochte he aaj kya un tute khwab ki tarah hum bhi adhure hai aaj💔
कुछ अधूरे से ख्वाब यूँ ही अधूरे है आज
मुकम्मल से कहीं न कहीं अधूरे हैं आज
देख आईना सोचते हैं आज क्या उन टूटे ख्वाब की तरह हम भी अधूरे हैं आज💔