तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
Enjoy Every Movement of life!
तुझसे रु-बरू होकर भी अपना, हाले-दिल तुझे बताया नहीं..
आँखों के आइने मैं तेरा चेहरा था, कभी तुझे जताया नहीं..
प्यार का चश्मा आखों पर था, जानके भी उसे हटाया नहीं..
कई नजरों में एक नजर मेरी भी थी, चाह कर भी तुझे पटाया नहीं..
God ne earth ko di hai itni
achhi beauty,
Sambhal ke rakhna hai
hamari duty,
खूबसूरत तो हर लम्हा है,
शायद देखने की नज़ाकत नहीं है...
अकेले चलने की हिम्मत तो है,
शायद साथ छोड़ने की आदत नहीं है...
शर्त है मै सिर्फ मयखाने तक जाऊंगा
आगे का रास्ता तुम तय कर लेना...
ताल्लुक़ मेरा पुराना है इन गलियों से,
शायद छूटा पैमाना पकड़ने की आदत नहीं है...