Lok Aaye – Gaye,
Rog Lagge – Latthe,
Rata Fark Na Peya,
Khavrey Jaan Nikkal Jaave Kalam Chaddi Te…..
ਲੋਕ ਆਏ ਗਏ,
ਰੋਗ ਲੱਗੇ ਲੱਥੇ,
ਰਤਾ ਫਰਕ ਨਾ ਪਿਆ,
ਖਵਰੇ ਜਾਣ ਨਿੱਕਲ ਜਾਵੇ ਕਲਮ ਛੱਡੀ ਤੇ।।
✍:Hr-Patto
Lok Aaye – Gaye,
Rog Lagge – Latthe,
Rata Fark Na Peya,
Khavrey Jaan Nikkal Jaave Kalam Chaddi Te…..
ਲੋਕ ਆਏ ਗਏ,
ਰੋਗ ਲੱਗੇ ਲੱਥੇ,
ਰਤਾ ਫਰਕ ਨਾ ਪਿਆ,
ਖਵਰੇ ਜਾਣ ਨਿੱਕਲ ਜਾਵੇ ਕਲਮ ਛੱਡੀ ਤੇ।।
✍:Hr-Patto
जब दिल में दबी उस चाहत को, उसकी यादों ने झिंझोड़ा है.. तब-तब मेरे आंसू बह निकले, जो दर्द हुआ क्या थोड़ा है..? जिस सख्स की खातिर घर - समाज, हर चीज को हमने छोड़ा है.. कैसे बताऊ ऐ दुनिया वालों, उसी सख्स ने दिल मेरा तोड़ा है.. मैं भूल उसे नहीं सकता अब, दिल बीच में बन गया रोड़ा है.. गुनेहगार तो मेरा ही दिल है, इसने ही उसे मुझसे जोड़ा है..
खुशबू नहीं है मुझमें,
पर गुलशन महकाएं बहुत है...
मुझे आज़माया नहीं किसी ने,
मैनें अपनें आज़माएं बहुत हैं...
मैं रौनक पसंद हूं पर रौनक नहीं है मुझमें,
बुला रहे हो महफिल में वो झलक नहीं मुझमें...
इंतजाम मेरी खातिर बस इतना कर लेना
कड़वा हूं मैं,
कुछ कहूं तो मेरे होंठो पर ज़हर रख देना....