Kutte bille rhaen bhonk de,
Jithe gidad’an da tolla fir da,
Vaeri hoke ho saahn bhar de,
Jado kaptaan kalam nal geet likh da…
Kutte bille rhaen bhonk de,
Jithe gidad’an da tolla fir da,
Vaeri hoke ho saahn bhar de,
Jado kaptaan kalam nal geet likh da…
Har tanha raat mein ek naam yaad aata hai,
Kabhi subah kabhi shaam yaad aata hai,
Jab sochte hain kar lein dobara mohobbat,
Fir pehli mohobbat ka anzaam yaad aata hai..
हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है।
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..