Khali pade hai mere hath dekhlo
Koi nahi hai aaj mere sath dekhlo
Mai jisko dast-e-aab raha qalab-o-jan se
Wo jate jate kah gaye aukat dekhlo💔
खाली पड़े हैं मेरे हाथ देखलो
कोई नही है आज मेरे साथ देखलो
मैं जिसको दस्त-ए-आब रहा क्लब-ओ-जान से
वो जाते जाते कह गए औकात देखलो💔
उसकी एक मुस्कुराहट, मेरे दिल की कई हसरतों को जिंदा करती है..
उसके रूप की स्याही मानो, कई रंग मेरे दिल में भरती है..
नजाकत से भरी नजरें जैसे, कह रही हों के मुझपे मरती हैं..
जवाब में मेरी नजरें भी उसे, हाँ में इशारा करती हैं..
कहते-कहते कई बातों को, जुबान कई बार ठहरती है..
मन ही मन काफ़ी कुछ कहकर, कुछ भी कहने से डरती है..